Wednesday, 4 September 2019

यादें

जितना सहेजुं यादों को में अपनी किसी उम्र की,
तो बस यादें रहने लगी है..
वो जो हमसफ़र था कहीं दूर खोता जा रहा है...

यादें

जितना सहेजुं यादों को में अपनी किसी उम्र की, तो बस यादें रहने लगी है.. वो जो हमसफ़र था कहीं दूर खोता जा रहा है...