Friday, 17 June 2016

दिल आ गया

देख कि तुझपे दिल आ गया...
इन लम्हों में धुन छा गया...
यूँ ही तुम कुछ अपने से लगने लगे...
सुबह शाम दिन ढलने लगे...
कुछ याद मे तेरी, कुछ बात मे तेरी...
इन धड़कनों मे तुम धड़कने जो लगे...
मैं था तन्हा , कोई सुकून आ गया...
तुमसे मिला तो जुनून आ गया...
बहका रहुं मैं , बिखरा रहुं मैं,
इन बादलों मे तु छा गया..
अब जो बारिश होंने लगी है,
रब से सिफारिश होने लगी है...
मुझको भींगा दे कुछ इस तरह से,
तु रूह मे आकर मे बसने लगी है...
तुमसे मिला तो कुछ हो सा गया...
देख कि तुझपे दिल आ गया ..☺

©~Aksh...
Yours Truly, A.

No comments:

Post a Comment

Thank you , for your views.

यादें

जितना सहेजुं यादों को में अपनी किसी उम्र की, तो बस यादें रहने लगी है.. वो जो हमसफ़र था कहीं दूर खोता जा रहा है...