Friday, 24 June 2016

तु अक्श मेरा


तु हर पहर,
तु मेरा शहर,
शाम ओ सुबह,
तु रब मेरा..
रूबरू तेरी हर इक अदा से,
इश्क़ दिल की आदत,
तु मुझको डूबा दे,
तेरी आँखों मे,
तु समन्दर मेरा...
तेरी आँखों की मस्ती,
राह-ए-मंज़िल मे कश्ती ,
बीच धार मे जैसी..
तु दर्द मेरा,
तु हर सब्र मेरा,
तु आईना,
तु 'अक्श' मेरा...

~#aksh..


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